कोरबा: सरगना जेल में, फिर भी नहीं थमी डीजल चोरी… 48 घंटे में 120 लीटर डीजल पर हाथ साफ, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

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Bec News Korba .। एसईसीएल की गेवरा और दीपका खदानों में डीजल चोरों के हौसले अब भी बुलंद हैं। पुलिस ने हाल ही में डीजल चोरी के बड़े नेटवर्क के दो कथित सरगनाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजकर इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। महज दो दिनों के भीतर 60-60 लीटर डीजल चोरी के दो अलग-अलग मामले सामने आने से साफ है कि गिरोह के बाकी सदस्य अब भी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पहली वारदात: ट्रेलर से डीजल निकालते रंगे हाथ पकड़ाए
26 जून की रात गेवरा खदान के 7 नंबर बैरियर के पास खड़े एक ट्रेलर से डीजल चोरी की कोशिश की गई। एएसआर ट्रांसपोर्ट के ट्रेलर से दो आरोपी प्लास्टिक पाइप और डिब्बों की मदद से करीब 60 लीटर डीजल निकाल रहे थे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। हालांकि पुलिस के पास ले जाते समय एक आरोपी फरार हो गया, जबकि दूसरे को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
दूसरी वारदात: सीआईएसएफ की सतर्कता से पकड़े गए आरोपी
इसके दो दिन बाद 28-29 जून की दरम्यानी रात गणेश डंपिंग एरिया में सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान जवानों ने एक संदिग्ध वाहन को डोजर के पास खड़ा देखा। जवानों को देखते ही वाहन चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन डोजर के पास मौजूद दो लोगों को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से करीब 60 लीटर डीजल बरामद हुआ। दोनों आरोपियों को एसईसीएल प्रबंधन के माध्यम से दीपका पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद भी सक्रिय है नेटवर्क
लगातार सामने आ रहे मामलों से यह सवाल उठ रहा है कि जब कथित सरगना जेल में हैं, तब भी डीजल चोरी का नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है? खदान क्षेत्र में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्य अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि ट्रेलरों के साथ-साथ एसईसीएल की भारी मशीनें भी लगातार चोरों के निशाने पर हैं।
एसईसीएल और ट्रांसपोर्टरों को हो रहा नुकसान
डीजल चोरी की इन घटनाओं से निजी ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं एसईसीएल की मशीनों से डीजल चोरी होने से सरकारी उपक्रम को भी लगातार चपत लग रही है। हालिया मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी सुरक्षा कर्मियों और सीआईएसएफ की सतर्कता से संभव हो सकी, लेकिन लगातार हो रही वारदातें इस बात का संकेत हैं कि खदान क्षेत्रों में डीजल चोरी रोकने के लिए अभी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

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