राजनांदगांव में पद्मश्री सम्मानित फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश नाकाम, 4 आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में फूलबासन बाई यादव के अपहरण की सनसनीखेज कोशिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। मंगलवार सुबह हुई इस घटना में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे रची गई साजिश
जानकारी के अनुसार, बेमेतरा निवासी मुख्य आरोपी खुशबू साहू अपने तीन साथियों (एक महिला और दो पुरुष) के साथ सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई के घर पहुंची। आरोपियों ने ‘जरूरी चर्चा’, फोटो खिंचवाने और जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर उन्हें घर से बाहर बुलाया और अपनी कार में बैठा लिया।
कार में बंधक बनाकर भागने की कोशिश
जैसे ही कार आगे बढ़ी, आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर गमछा लपेट दिया, ताकि वे शोर न मचा सकें। इसके बाद वे खैरागढ़ की ओर भागने लगे।
पुलिस की सतर्कता से बची जान
चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध हालत में कार को रोका। पूछताछ में आरोपियों ने झूठ बोलते हुए कहा कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे अस्पताल ले जा रहे हैं।
हालांकि, मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया। उनकी हालत देखकर पुलिस को शक हुआ और तुरंत सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
पहले से संपर्क में थी मुख्य आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि खुशबू साहू पिछले 4-5 महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। वह स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी रही है और उस पर रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली के आरोप भी लगे हैं।
बड़ी साजिश की आशंका
पुलिस को शक है कि यह अपहरण किसी बड़ी आर्थिक उगाही या संगठित आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। मामले की गहन जांच जारी है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। एक सम्मानित समाजसेवी के साथ हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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