प्रशांति वृद्धाश्रम की छवि खराब करने की साजिश? सोशल मीडिया पर कथित झूठी प्रेस विज्ञप्ति के खिलाफ एसपी से शिकायत
कोरबा। शहर के प्रशांति वृद्धाश्रम की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर कथित रूप से झूठी प्रेस विज्ञप्ति प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वृद्धाश्रम के केयरटेकर बीरू यादव ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में बीरू यादव ने बताया कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक तथाकथित प्रेस विज्ञप्ति प्रसारित की जा रही है, जिसमें जारीकर्ता के रूप में आयुष गोयल नामक व्यक्ति का नाम उल्लेखित है। उक्त विज्ञप्ति में प्रशांति वृद्धाश्रम और उसके केयरटेकर के खिलाफ मनगढ़ंत और भ्रामक आरोप लगाए गए हैं, जिससे संस्था की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीरू यादव ने बताया कि वह पिछले 23 वर्षों से अपने परिवार के साथ प्रशांति वृद्धाश्रम में सेवा कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वृद्धाश्रम में 27 महिला और पुरुष बुजुर्ग निवासरत हैं, जिन्हें भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृद्धाश्रम का संचालन पूरी तरह जनसहयोग से किया जाता है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शासकीय या गैर-शासकीय अनुदान नहीं लिया जाता।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण जानकारी प्रसारित होने से वृद्धाश्रम के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और यहां आश्रय लिए बेसहारा बुजुर्गों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शिकायत में बीरू यादव ने यह आशंका भी जताई है कि प्रशांति वृद्धाश्रम की छवि खराब करने के प्रयास के पीछे समाज कल्याण विभाग, कोरबा के कुछ लोगों की भूमिका हो सकती है। उनका आरोप है कि पिछले डेढ़ वर्ष से विभाग के कुछ लोग वृद्धाश्रम के संचालन में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं और इसे बंद कराने की धमकी भी दे चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को पहले भी कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक संबंधित लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
फिलहाल, मामले को लेकर पुलिस से उचित जांच और कार्रवाई की मांग की गई है