बिलासपुर: निलंबित IPS रतनलाल डांगी केस में आया नया मोड़

Must read

    बिलासपुर 16 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस अधिकारी और तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (IG) रतनलाल डांगी के खिलाफ महिला योगा टीचर द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के मामले में एक नया मोड़ आया है। पीड़िता की मांग के बाद गृह विभाग ने विभागीय जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए महिला आईपीएस अधिकारी पारूल माथुर को नया ‘प्रस्तुतकर्ता अधिकारी’ (Presenting Officer) नियुक्त किया है। इससे पहले इस पद के लिए आईपीएस प्रशांत अग्रवाल का नाम प्रस्तावित था। वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दीपांशु काबरा को इस पूरे मामले का ‘जांच अधिकारी’ बनाया गया है।

     

    क्या है पूरा मामला?
    बिलासपुर के राजकिशोरनगर की रहने वाली एक महिला योगा टीचर ने तत्कालीन आईजी रतनलाल डांगी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आईपीएस अधिकारी ने उन्हें अश्लील तस्वीरें और आपत्तिजनक संदेश भेजने के साथ-साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने शुरुआती जांच आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस मिलना कुर्रे को सौंपी थी।

    हाईकोर्ट में दाखिल की गई है रिट याचिका
    प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया और निष्पक्षता पर असंतोष जताते हुए पीड़िता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। महिला ने अपने अधिवक्ताओं (अभिषेक पांडेय और ऋषभदेव साहू) के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि शुरुआती जांच में पक्षपात किया जा रहा है और संबंधित आईपीएस अधिकारी को बचाने का प्रयास हो रहा है। हालांकि, कोर्ट में उठाए गए इन आरोपों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना गया है, लेकिन इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच टीम में फेरबदल जरूर देखने को मिला है।

    More articles

    Latest article