कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री Jai Singh Agrawal ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता पिछले कई महीनों से महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस संकट के साथ-साथ उर्वरक की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन केंद्र सरकार समाधान निकालने के बजाय लोगों को कटौती करने की सलाह दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों से खाद और यूरिया का कम उपयोग करने, महिलाओं से तेल और गैस की खपत घटाने, लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने तथा विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की अपील करना जनता की परेशानियों को और बढ़ाने वाला बयान है।
“किसानों को खाद नहीं, सिर्फ सलाह मिल रही”
जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार आज पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल करीब 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंच पाया है। इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
“वर्क फ्रॉम होम की सलाह गरीबों के लिए संभव नहीं”
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की “वर्क फ्रॉम होम” की सलाह उन लोगों के लिए व्यावहारिक नहीं है जो रोज कमाकर अपना परिवार चलाते हैं। फेरी लगाने वाले, मजदूर, छोटे दुकानदार और दैनिक रोजगार पर निर्भर लोग घर बैठकर अपना जीवनयापन नहीं कर सकते।
उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने “आराम हराम है” का संदेश दिया था, जबकि आज लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है।
महंगाई से बिगड़ा किचन का बजट
जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। खाद्य तेल सहित रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे गृहणियां हर चीज में कटौती करने को मजबूर हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2013 में सोने की कीमत लगभग 28,500 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर करीब 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है।
पेट्रोल-डीजल और गैस संकट पर केंद्र सरकार घिरी
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। साथ ही कई क्षेत्रों में ईंधन संकट की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस की कमी से छोटे-बड़े उद्योग और व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं।
“आम आदमी कर्जदार होता जा रहा”
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, टोल टैक्स, रेल किराए में वृद्धि और आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी के कारण आम लोगों की आय और बचत दोनों प्रभावित हुई हैं। कई परिवारों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
“केंद्र सरकार संकट संभालने में नाकाम”
प्रेसवार्ता के अंत में जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि देश पहले भी कई बड़े संकटों का सामना कर चुका है, लेकिन उस समय सरकारें विपक्ष को साथ लेकर निर्णय लेती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार जनता की समस्याओं का समाधान निकालने में असफल रही है और जिम्मेदारी जनता पर डालने का प्रयास कर रही है।