नई दिल्ली। देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पानी की सतह पर सोलर पैनल लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत देशभर में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना है।
इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 5,070 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को मंजूरी दी है। परियोजनाओं के साथ ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी, जिसकी न्यूनतम क्षमता 10,000 MWh होगी।
फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की खासियत यह है कि इनमें बड़े भू-भाग पर सोलर पैनल लगाने की जरूरत कम होती है। जलाशयों, बांधों और अन्य उपयुक्त जल निकायों की सतह पर तैरते प्लेटफॉर्म के माध्यम से सौर पैनल लगाए जाते हैं।
सरकार के अनुसार इस योजना से जमीन की जरूरत कम होगी, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और बिजली उत्पादन के साथ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। अनुमान के मुताबिक योजना से हर साल करीब एक करोड़ टन CO₂ उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल सकती है।
योजना से रोजगार के अवसर बढ़ने और फ्लोटिंग सोलर सिस्टम, सोलर सेल, मॉड्यूल तथा ऊर्जा भंडारण से जुड़े घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ जैसे जलाशयों और बड़े जल संसाधनों वाले राज्यों के लिए भी इस तरह की तकनीक भविष्य में सौर ऊर्जा उत्पादन का एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।






