तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य अस्पताल में भर्ती कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान, जांच के लिए भेजे गए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही लोगों के स्वास्थ्य की जांच
जांजगीर चांपा । जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मौत और तीन अन्य बच्चों के बीमार होने की घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम और संबंधित एसडीएम को जिला अस्पताल जांजगीर भेजा।
कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल टीम को गांव रवाना किया गया है, जहां प्रभावित परिवार सहित अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। वहीं तहसीलदार को पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिविल सर्जन एस. कुजूर के मुताबिक बच्चों ने तरबूज के साथ चिकन भी खाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है।
प्रशासन ने संबंधित तरबूज के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कर विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों की भी जांच कर रही है, ताकि किसी और में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए जाने पर तत्काल इलाज किया जा सके।
मुंबई की घटना ने बढ़ाई चिंता
धुरकोट की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब हाल ही में मुंबई में भी तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के कई लोगों की मौत का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और फूड पॉइजनिंग को लेकर चिंता और बढ़ गई है। अब जांजगीर-चांपा की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बाजारों में बिक रहे फलों और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी कितनी जरूरी हो गई है।