हजारों बहनों ने उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को बांधी राखी

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    सुबह से डी-1 निवास में राखी बांधने वाली बहनों की लगी रही भीड़, आत्मीयता और स्नेह से सराबोर रहा “बहनी मन संग राखी के तिहार”

    कोरबा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कोरबा विधानसभा में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीय रिश्ते की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। डी-1, पंचवटी के पास स्थित शासकीय निवास में नगर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा आयोजित “बहनी मन संग राखी के तिहार” कार्यक्रम में हजारों बहनें अपने विधायक एवं मंत्री भाई श्री लखन लाल देवांगन को रक्षासूत्र बांधने पहुंचीं।

    सुबह से ही मंत्री श्री देवांगन को राखी बांधने के लिए बहनों का तांता लगा रहा। लंबी कतार में लगकर बहनों ने आत्मीयता और स्नेह के साथ अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने तिलक कर आरती उतारी और रक्षासूत्र बांधकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि पार्षद से लेकर कोरबा नगर निगम के महापौर, कटघोरा विधायक, संसदीय सचिव और अब कोरबा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री बनने तक कोरबा की बहनों ने जिस आत्मीयता से उन्हें अपना भाई मानकर स्नेह और आशीर्वाद दिया है, उसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।

    उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है। बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो यह पवित्र धागा जीवनभर उसके सम्मान, सुख-दुःख और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी से जोड़ता है। प्रदेश की माताओं और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

    श्री देवांगन ने कहा कि इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों के केंद्र में माताओं और बहनों का सम्मान, आर्थिक स्वावलंबन और खुशहाली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई शक्ति दे रही हैं।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख बहनों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई तथा सिलाई-कढ़ाई सहित अन्य आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है।

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