समाजसेवा और रेल संघर्ष आंदोलन के अग्रणी रामकिशन अग्रवाल का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

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। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, वरिष्ठ व्यवसायी एवं रेल संघर्ष आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रामकिशन अग्रवाल का शुक्रवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कोरबा शहर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
टी.पी. नगर स्थित तुलसी निवास के निवासी रामकिशन अग्रवाल सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर हमेशा सक्रिय रहे। व्यवसाय के साथ-साथ उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। विशेष रूप से कोरबा जिले को बेहतर रेल सुविधाएं दिलाने के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया और रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मार्गदर्शकों में शामिल रहे।
उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में रेल संघर्ष समिति ने यात्रियों की सुविधाओं एवं नई रेल सेवाओं की मांग को लेकर कई महत्वपूर्ण आंदोलन किए। जनहित से जुड़े मुद्दों पर वे जीवन के अंतिम समय तक मुखर रहे और लगातार आवाज उठाते रहे।
रामकिशन अग्रवाल अपने पीछे भाई दीनदयाल अग्रवाल, केदारनाथ अग्रवाल, शिवशंकर अग्रवाल, पुत्र आलोक अग्रवाल एवं तुषार अग्रवाल सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उनकी अंतिम यात्रा आज 19 जून को अपराह्न 4 बजे टी.पी. नगर स्थित तुलसी भवन (कैनरा बैंक के समीप) से मुक्तिधाम मोतीसागर पारा के लिए निकलेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रामकिशन अग्रवाल का निधन कोरबा के सामाजिक एवं जनआंदोलन के क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। रेल सुविधाओं और जनहित के लिए किए गए उनके संघर्ष को लंबे समय तक याद किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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