बिटिया, खूब पढ़ो और आगे बढ़ो — कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला

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सुशासन तिहार से दिव्यांग छात्रा कमला के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली नई उड़ान
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से कॉलेज पहुंचना हुआ आसान
कोरबा, 01 जून 2026।
दृढ़ इच्छाशक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण हो तो शारीरिक चुनौतियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं कटघोरा विकासखंड के ग्राम सलोरा (क) की रहने वाली दिव्यांग छात्रा कमला कुमारी केंवट, जिन्होंने दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उच्च शिक्षा का सपना नहीं छोड़ा।
कमला वर्तमान में एम.ए. की पढ़ाई कर रही हैं। हालांकि कॉलेज तक पहुंचना उनके लिए रोज़ाना एक बड़ी चुनौती थी। समाज कल्याण विभाग से पूर्व में मिली ट्राइसाइकिल पुरानी और जर्जर हो चुकी थी, जिससे कॉलेज आने-जाने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
इसी दौरान सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिलने पर कमला ने ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग करते हुए आवेदन दिया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए समाज कल्याण विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
आवेदन का परीक्षण एवं पात्रता की पुष्टि होने के बाद सोमवार को कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कमला को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे आत्मीय बातचीत करते हुए पढ़ाई की जानकारी ली और उनकी मेहनत की सराहना की।
उन्होंने कहा,
“बिटिया, अच्छे से पढ़ना और आगे बढ़ना। आपकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है। शारीरिक चुनौतियां किसी की उड़ान को नहीं रोक सकतीं, यदि उसके भीतर आगे बढ़ने का मजबूत संकल्प हो।”
कमला की माता श्रीमती संतकुंवर ने भावुक होकर बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और उनके पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खरीद पाना संभव नहीं था। शासन द्वारा निःशुल्क यह सुविधा मिलने से उनकी बेटी की शिक्षा का मार्ग काफी आसान हो गया है।
कमला ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वह नियमित रूप से कॉलेज जा सकेगी और अपने अन्य आवश्यक कार्य भी आसानी से कर पाएगी। उनके लिए यह ट्राइसाइकिल केवल एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी श्री हरीश सक्सेना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुशासन तिहार की संवेदनशील पहल ने एक दिव्यांग छात्रा के सपनों को नई गति दी है। अब कमला का उच्च शिक्षा का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम, आत्मविश्वासपूर्ण और उम्मीदों से भरा होगा।

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