Home Breaking News बाल विवाह मुक्त कोरबा बनाने के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

बाल विवाह मुक्त कोरबा बनाने के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

     

    जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि हुए शामिल

    कोरबा। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार, 30 अक्टूबर को जिला पंचायत के सभा कक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

    कार्यशाला में जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन (IAS) विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता और निगरानी को महत्वपूर्ण बताया।

    बाल विवाह की रोकथाम और कानूनी प्रावधानों पर दी जानकारी

    कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री दया दास महंत, नीति आयोग की चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (AVA) सुश्री नीलू पटेल तथा विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी श्री संदीप ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम, संबंधित कानूनी प्रावधानों और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल के उपयोग के संबंध में विस्तार से बताया गया।

    कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम में शामिल विभिन्न विभागों और संबंधित संस्थाओं की भूमिका को स्पष्ट करना तथा अभियान के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाना रहा।

    विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि हुए शामिल

    कार्यशाला में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, आदिवासी विकास, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा परियोजना अधिकारी, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, सेक्टर पर्यवेक्षक, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

    कार्यक्रम में स्रोत संस्था एवं हार्ड संस्था के प्रतिनिधियों, धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े लोगों, अन्य सेवा प्रदाताओं तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

    कार्यशाला के माध्यम से बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने, संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी पहल करने पर जोर दिया गया।