कोरबा 11 अगस्त। कोरबा में बजाज फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी शशांक सिंह पर लोगों को लोन दिलाने और बाद में उसे बंद कराने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने लोन की किस्त या खाता बंद कराने के लिए रकम अपने निजी खाते में जमा कराई, लेकिन उसे कंपनी के लोन खाते में जमा नहीं किया। अब तक तीन मामलों में करीब 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। बालको पुलिस ने एक मामले में अमानत में खयानत और दूसरे मामले में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
बालको क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत में बताया कि शशांक ने लोन की किस्त जमा करने या खाता बंद कराने के नाम पर करीब 2 लाख रुपये अपने निजी खाते में जमा कराए। बाद में पता चला कि रकम लोन खाते में जमा ही नहीं हुई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
बजरंग चौक राताखार निवासी संदीप सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। संदीप के मुताबिक, उन्होंने जुलाई 2025 में बजाज फाइनेंस से 5 लाख 49 हजार 856 रुपये का लोन लिया था।
शिकायत के अनुसार, शशांक खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताकर उनके जूस सेंटर पहुंचा और एकमुश्त 5 लाख रुपये देने पर लोन बंद कराने की बात कही। भरोसा करके संदीप ने 4 अगस्त को 1 लाख और 18 अगस्त को 2 लाख रुपये के चेक दिए। इसके अलावा 2 लाख रुपये नकद भी दिए गए। कुल 5 लाख रुपये लेने के बावजूद लोन बंद नहीं कराया गया। इसके बाद संदीप ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, जिसके आधार पर बालको पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने लोन बंद कराने के नाम पर आधार कार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लिए थे। इससे दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, महिला की शिकायत पर अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी शशांक सिंह फरार है। पुलिस को उसके दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिली है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य शिकायतों की भी जांच की जा रही है।
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