कलेक्टर जनदर्शन की शिकायत पर एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं, समाज कल्याण विभाग पर अनदेखी का आरोप

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कोरबा। कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को लेकर समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि विभाग द्वारा जनदर्शन में दी गई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। एक मामले में शिकायत दर्ज होने के एक माह बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट हो सकी है और न ही इसकी जानकारी जनदर्शन पोर्टल पर अपडेट की गई है।
जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला सुखमत बाई सतनामी ने 9 फरवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत पत्र प्रस्तुत किया था। इस आवेदन पर टोकन क्रमांक 2050126000436 और सुरक्षा क्रमांक 229 जारी किया गया था। कलेक्टर द्वारा इस शिकायत को जांच के लिए समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना को भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि शिकायत दर्ज होने के एक माह बाद भी मामले में की गई जांच अथवा कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी को उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है, लेकिन 10 मार्च 2026 तक इस मामले में कोई अपडेट दर्ज नहीं किया गया है।
इससे यह आशंका जताई जा रही है कि या तो शिकायत की जांच अब तक शुरू ही नहीं हुई है, या फिर स्नेह सदन वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं से जुड़े मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि सुखमत बाई सतनामी ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं के साथ ही उप संचालक हरीश सक्सेना और परिवीक्षा अधिकारी मुकेश दिवाकर के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी।
सूत्रों के अनुसार वृद्धाश्रम में प्रताड़ना से परेशान होकर सुखमत बाई वहां से निकलकर महापौर के पास पहुंची थीं। इसके बाद महापौर की पहल पर उन्हें प्रशांति वृद्धाश्रम में भर्ती कराया गया था।
अब शिकायत के एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से समाज कल्याण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

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