NTPC कोरबा: प्रदर्शन, पर्यावरण और सामाजिक विकास में बना मिसाल
कोरबा, 30 मार्च 2026। देश के प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों में शामिल NTPC कोरबा लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रहा है। 2600 मेगावाट स्थापित क्षमता वाला यह संयंत्र NTPC के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण प्लांटों में से एक है, जो महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा जैसे कई राज्यों को बिजली आपूर्ति करता है।
संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन
NTPC कोरबा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के मामले में NTPC के भीतर लगातार छह वर्षों से पहला स्थान हासिल किया है।
2000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले भारत के बिजलीघरों में PLF के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
ऊर्जा चार्ज रेट (ECR) के मामले में NTPC स्टेशनों में तीसरा स्थान हासिल किया।
यूनिट-7 ने 455 दिन लगातार संचालन और यूनिट-1 ने 400 से अधिक दिन तक लगातार चलने का रिकॉर्ड बनाया।
पिछले वर्ष की तुलना में फोर्स्ड आउटेज में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है।
संचालन से होने वाली कमाई में भी NTPC के सभी प्लांटों में पहला स्थान प्राप्त किया।
पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी
NTPC कोरबा पर्यावरण संरक्षण को भी उतनी ही प्राथमिकता देता है।
प्लांट परिसर के 33 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरित आवरण विकसित किया गया है।
अब तक 30 लाख से अधिक पौधे लगाए गए, जिनकी जीवित रहने की दर 95 प्रतिशत से अधिक है।
चरपरा ऐश डाइक का पुनर्विकास करते हुए वहां 4 लाख से अधिक पौधे लगाए गए, जिसे छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से प्रमाणपत्र भी मिला है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 119 प्रतिशत ऐश उपयोग और फरवरी 2026 तक 110 प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया।
इसके अलावा फ्लाई ऐश लाइम जिप्सम (FALG) प्लांट जैसे नवाचारों के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट को निर्माण सामग्री में बदलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
CSR के जरिए समाज को सशक्त बनाना
NTPC कोरबा अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के गांवों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मोबाइल हेल्थ यूनिट के माध्यम से 25,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।
कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।
110 युवाओं को इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन ऑपरेटर और 50 युवाओं को CNC मशीन ऑपरेटर प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिला।
14 युवाओं को रक्षा क्षेत्र में सरकारी नौकरी मिली।
स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से 35 से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं।
बालिकाओं के सशक्तिकरण की पहल
NTPC का प्रमुख कार्यक्रम गर्ल एम्पावरमेंट मिशन (GEM) भी क्षेत्र में प्रभावी साबित हुआ है। इसके तहत 36 गांवों के 41 स्कूलों की 576 छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवन कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
खेल प्रतिभाओं को भी मिल रहा मंच
NTPC कोरबा क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को भी बढ़ावा दे रहा है। यहां से निकले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, जिनमें किरण पिस्दा, हर्षित ठाकुर, श्रुति यादव और आकर्षी कश्यप जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए NTPC कोरबा को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले हैं। इनमें बेस्ट नेशनल एनर्जी एफिशिएंट कोल प्लांट, बेस्ट नेशनल वाटर एफिशिएंट यूनिट और एक्सीलेंट PLF प्लांट ऑफ द ईयर जैसे सम्मान शामिल हैं। साथ ही सुरक्षा के क्षेत्र में भी इसे कई प्लैटिनम श्रेणी के सेफ्टी अवॉर्ड प्राप्त हुए हैं।
भविष्य की ओर स्पष्ट दृष्टि
देश के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बदलावों के बीच NTPC कोरबा नवाचार, दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ रहा है। संयंत्र का लक्ष्य देश का सर्वश्रेष्ठ बिजलीघर बनना है और इसके लिए यह लगातार बेहतर प्रदर्शन और सामाजिक विकास की दिशा में काम कर रहा है।
NTPC कोरबा आज केवल एक बिजलीघर नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान का मजबूत उदाहरण बन चुका है।