नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में मौतों का आंकड़ा बढ़कर कम से कम 160 हो गया है। करीब 400 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई शामिल हैं। इनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और संवेदना व्यक्त की। भारत हर संभव मानवीय सहायता देने को तैयार है। भारतीय वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री भेजी जा रही है और एनडीआरएफ टीमें तैनात करने की तैयारी है। नेपाल ने पीएम मोदी का आभार जताया है।
उत्तर प्रदेश ने 1070 हेल्पलाइन सक्रिय की है
भारतीय दूतावास (चीन) ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश ने 1070 हेल्पलाइन सक्रिय की है। महाराष्ट्र ने पर्यटकों की जानकारी जुटाने के लिए डेटा लिंक शुरू किया है। इस तबाही ने 2013 में उत्तराखंड की केदारनाथ घाटी में आई जलप्रलय की याद दिला दी। नेपाल में बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है और दोनों राज्य अलर्ट पर हैं।
एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात कर दिया गया है
एनडीआरएफ की 20 टीमों को तैनात कर दिया गया है। इस तबाही में अब तक चीन में तीन लोगों समेत लगभग 160 लोगों की मौत हुई है और 133 भारतीयों समेत लगभग 750 लोग लापता हैं। लापता भारतीयों में अधिकांश कैलास-मानसरोवर तीर्थयात्री हैं। चीन और नेपाल के अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने और भारी तबाही की आशंका जताई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी।
नदी में बर्फ व चट्टानों के खिसकने से मलबे वाली बाढ़ आई
जर्मन रिसर्च सेंटर फार जियोसाइंसेज (जीएफजे) ने कहा कि बाढ़ से लगभग सात मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने प्लैनेट लैब्स की सेटेलाइट तस्वीरों के शुरुआती अध्ययन के हवाले से कहा कि लेंडे नदी में बर्फ व चट्टानों के खिसकने से मलबे वाली बाढ़ आई।
भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई
प्लैनेट लैब्स की पहले और बाद की तस्वीरों में नदी के सामान्य रास्ते के दोनों ओर बड़े पैमाने पर तबाही दिखाई दी। प्रेट्र के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे नेपाल के रसुवा व धादिंग जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए।
सेना और पुलिस बचाव व राहत कार्यों में तैनात
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया है। नेपाली सेना ने राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर फंसे 100 से अधिक लोगों को बचाया है।




नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड में मौतों का आंकड़ा बढ़कर कम से कम 160 हो गया है। करीब 400 लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई शामिल हैं। इनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और संवेदना व्यक्त की। भारत हर संभव मानवीय सहायता देने को तैयार है। भारतीय वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री भेजी जा रही है और एनडीआरएफ टीमें तैनात करने की तैयारी है। नेपाल ने पीएम मोदी का आभार जताया है।
