कोरबा अधिवक्ता संघ चुनाव में 30% महिला आरक्षण अनिवार्य, विधिज्ञ परिषद का सख्त आदेश

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महिला अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी

कोरबा। जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। महिला अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद परिषद ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए चुनाव में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब की गई है। चुनाव 12 अप्रैल को प्रस्तावित है।
दरअसल, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर प्रत्याशियों की सूची जारी की जा चुकी है और प्रचार अभियान भी तेज हो गया है। इसी बीच महिला अधिवक्ताओं ने परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि चुनाव में 30 प्रतिशत आरक्षण का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
अधिवक्ता मीनू त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2026-28 की कार्यकारिणी गठन प्रक्रिया में रोस्टर प्रणाली का पालन नहीं किया गया और महिलाओं के लिए पर्याप्त पद आरक्षित नहीं किए गए, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी बताते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग भी उठाई।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि 6 फरवरी 2026 को राज्य स्तर से सभी अधिवक्ता संघों को 30 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 23 मार्च 2026 को भी मुख्य चुनाव अधिकारी को मान्यता नियम 2009 के तहत चुनाव कराने कहा गया था, लेकिन कोरबा में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिज्ञ परिषद ने 9 अप्रैल 2026 को मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि कुल 14 पदों में से कम से कम 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो मान्यता नियम 2009 के तहत सख्त कार्रवाई की

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