मानिकपुर खदान विस्तार पर भड़का जनाक्रोश, जयसिंह अग्रवाल की SECL को चेतावनी—“ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन”
कोरबा। मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना को लेकर क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और स्थानीय लोगों का आक्रोश अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने South Eastern Coalfields Limited (SECL) प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित ग्रामीणों के हितों की अनदेखी जारी रही, तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
वादों से नाराज ग्रामीण, बढ़ा असंतोष
SECL के सीएमडी को लिखे पत्र में अग्रवाल ने भिलाई खुर्द (1, 2, 3) सहित आसपास के गांवों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पहले 80 एकड़ भूमि अधिग्रहण के समय रोजगार देने का जो वादा किया गया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ। अब अतिरिक्त 60 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी से ग्रामीणों में असंतोष और बढ़ गया है।
मुआवजा और सर्वे प्रक्रिया पर सवाल
अग्रवाल ने मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—
पुराने ड्रोन सर्वे के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे नए मकान सूची से बाहर हो रहे हैं।
स्थानीय शिक्षित युवाओं को स्थायी रोजगार देने में प्रबंधन उदासीन है।
नए मकानों का भौतिक सत्यापन कर पुनः सर्वे कराया जाना जरूरी है।
“अब नहीं तो आंदोलन तय”
पूर्व मंत्री ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए और कोरबा महाप्रबंधक ग्रामीणों से सीधा संवाद करें। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में होने वाली किसी भी जन-अशांति की पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन की होगी।




