कोरबा में बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस का हमला, मुख्यमंत्री से की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग
शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने पत्र लिख गिनाईं हत्या, लूट और महिला अपराध की घटनाएं, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की उठाई मांग
कोरबा। जिले में लगातार सामने आ रही हत्या, लूट, जानलेवा हमलों और महिला अपराधों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के कोरबा शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है और शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की है।
राठौर ने पत्र में कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान कोरबा जिले में एक के बाद एक जघन्य अपराध सामने आए हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उनका आरोप है कि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी हालात पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल साबित हुए हैं।
उन्होंने सरायपाली कोयला खदान में गोली मारकर की गई हत्या, खदानों में घुसकर सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाकर डीजल और कबाड़ लूटने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत सामने आने से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
राठौर ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई चर्चित घटनाओं का भी जिक्र किया। इनमें रशियन हॉस्टल के पास लोहे का पुल काटकर चोरी, कटघोरा के घुचापुर में भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या, रजगामार में महिला की निर्मम हत्या, सीतामढ़ी मोतीसागर पारा और पवन टॉकीज क्षेत्र में हुई हत्याएं, सिल्वर सेंटर के संचालक और स्क्रैप व्यापारी अशरफ समेत अन्य हत्याकांड शामिल हैं। उन्होंने चैतमा में युवक की हत्या कर शव के टुकड़े किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया।
महिला सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई। राठौर ने बालको क्षेत्र में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हाल ही में पंप हाउस क्षेत्र में युवती पर हुए चाकू हमले का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा भी गंभीर चुनौती बन गई है।
उन्होंने हाल ही में सर्राफा दुकान में कट्टा लेकर घुसे बदमाशों द्वारा लूट की कोशिश का जिक्र करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज ने साफ कर दिया है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म होता जा रहा है। उनका कहना था कि यदि दुकान संचालक साहस नहीं दिखाता तो बड़ी घटना हो सकती थी।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि नवपदस्थ कोतवाली थाना प्रभारी का कुछ ही घंटों में राजनीतिक दबाव में तबादला होना पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
पत्र के अंत में मुकेश राठौर ने मुख्यमंत्री से कोरबा जिले की कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।