लखन लाल पेट्रोल पंप, कपड़ों के शोरूम और कई एकड़ जमीन के मालिक, अगर वो गरीब तो भगवान सबको ऐसा गरीब बनाये : मुकेश…….

भाजपा प्रत्याशी के ग़रीबी वाले बयान पर कांग्रेसियों का पलटवार

कोरबा। बुधवार को टीपी नगर के तिलक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कोरबा विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी लखन के बयान पर कांग्रेस नेता मुकेश राठौर और सनत दीवान ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने लखन के संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा है कि अगर लखन गरीब हैं। तो ईश्वर ऐसी गरीबी सबको दें। ताकि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले हर गरीब का भला हो सके। लखन गरीबी का राग तो अलाप रहे हैं, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। वह घड़ियाल के आंसू बहाकर चुनाव के ठीक पहले जनता को बरगलाना चाहते हैं। जबकि वास्तव में वह पेट्रोल पंप के मालिक हैं, 30-30 लाख की बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमते हैं और चुनाव प्रचार करते हैं। कोरबा विधानसभा के करोड़पति चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को मात देकर वह डेढ़ महीने पहले टिकट ले आए। अब चुनाव के पहले वह केवल झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन कोरबा की जनता बेहद समझदार है। वह लखन के इन पैंतरों को भली-भांति समझती है।

कांग्रेसियों ने लखन की संपत्ति का भी खुलासा किया और बताया कि लखन के पास दो आलीशान मकान एक कोहड़िया तो दूसरा छूरी में है। इसके अलावा वह पेट्रोल पंप के मालिक हैं। उनके खुद की कोसा की दुकान है। कपड़े का शोरूम और बर्तन की दुकान भी है। स्याहीमुड़ी में उनकी कई एकड़ जमीन है। इसके अलावा वह फार्म हाउस के भी मालिक हैं। 30-30 लाख की गाड़ियों में घूम कर चुनाव प्रचार करते हैं। अब ऐसे में अगर वह खुद को गरीब कहें, तो यह गरीबों का मजाक उड़ाने जैसा है।

 

साबित करें कहां पैसे बंटे, बड़े-बड़ों को पछाड़कर टिकट लाने वाला गरीब कैसे?-

नगर पालिका निगम में एल्डरमैन सनत दास दीवान ने कहा कि भाषण देना अलग-अलग बात है, वह कितने गरीब हैं। यह कोरबा शहर के लोग जानते हैं। वह कोरबा से महापौर और पार्षद दोनों रहे हैं और यहां के बाद फिर वह कटघोरा में जाकर विधायक भी बने। जिसके कारण अब उनका कोरबा से संबंध समाप्त हो चुका है। खुद को गरीब हूं कहते हैं और इस बात को मैं क्या बताऊंगा, सारे लोग इसे अच्छे से जानते हैं। फिर चाहे वह राजनीतिक दल हो या आम जनता। ये कौन कहता है कि वह गरीब हैं? बड़े-बड़े लोग कोरबा विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते थे लखन ने सबको पछाड़ दिया। सबको दरकिनार कर लखन डेढ़ महीना पहले टिकट ले आए। अब इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह कितने बड़े रईस हैं। उनके नाम पर बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टी है। बड़े-बड़े गाड़ियों में घूम कर वह चुनाव प्रचार करते हैं। वह गरीब कैसे हो गए? झुग्गी झोपड़ी में रहने की बात करते हैं, लेकिन असल में इनका आलीशान मकान है। लखन गरीबी का राग अलापते हुए कर जनता को मूर्ख बनाना चाहते हैं। लेकिन जनता उन्हें चुनाव में सबक सिखाएगी। भाजपा प्रत्याशी में ताकत है तो यह साबित करके दिखाएं की पैसा कहाँ बंटा है। वो सिर्फ झूठ बोलकर जनता को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं, जो की भाजपाइयों की आदत रही है।

 

जनता ने कटघोरा में लखन को जानकारी दिया तो पलायन कर गए-मुकेश

कांग्रेस नेता मुकेश राठौर ने कहा कि मैं नगर पालिका निगम में दो बार पार्षद रहा, दो बार मेरी पत्नी पार्षद रही है। हमारा परिवार लगातार 20 वर्षों से नगर पालिक निगम के लोगों की सेवा कर रहा है।
लखन जब पार्षद हुआ करते थे, उसे समय की स्थिति और आज की स्थिति से आप खुद आकलन कर सकते हैं कि वह क्या है? आज आप देखिए उसके पास पेट्रोल पंप है, कपड़े की दुकान है, बड़े-बड़े शोरूम है, कई एकड़ जमीन है। मैं तो यह कहता हूं कि भगवान ऐसा गरीब सबको बनाएं। मुझे भी ऐसी गरीबी दें, ताकि मेरा भी कुछ भला हो जाए।
आज आप देखिए की जयसिंह कोरबा विधानसभा में गरीबों के हितैषी हैं, और यह वास्तव में सच है। आज कोई भी गरीब उनके दरवाजे पर जाता है। तो वह खाली हाथ नहीं आता। कुछ ना कुछ काम करा के ही आता है। आज लखन से मैं यह पूछना चाहता हूं कि कोहड़िया के लोगों के लिए उन्होंने क्या किया। अचानक चुनाव के पहले विधानसभा में आ गए और झूठ बोल रहे हैं कि मैं बहुत गरीब प्रत्याशी हूं। जनता को यह सब दिखता है कि गरीब कौन है? मैं तो चाहता हूं कि भगवान ऐसी गरीबी सबको दें। आप राजनीति करिए लेकिन झूठ बोलकर जनता को मूर्ख बनाने का काम काम मत करिए। ठीक चुनाव के पहले इस तरह की बातें करना बेहद अशोभनीय है। लखन कटघोरा से चुनाव हार गए थे। जनता ने उन्हें नकार दिया था और अब वह कोरबा विधानसभा से टिकट लेकर आ गए हैं। इसके बाद वह झूठ बोलकर जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहते हैं। जनता इतनी मूर्ख नहीं है। झूठ बोलकर कोई अपना वर्चस्व कायम नहीं कर सकता। लखन को कटघोरा की तरह कोरबा में भी करारी हार मिलेगी।