मासूम बेटी बनी आंखोंदेखी गवाह, पहले ही पत्नी जा चुकी है जेल
कोरबा/दुर्ग। एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में पत्नी ने अपने दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। वारदात के बाद इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन 10 साल की मासूम बेटी की गवाही ने पूरा सच उजागर कर दिया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी को भी दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पत्नी पहले ही जेल भेजी जा चुकी है।
बीमार और लकवाग्रस्त था पति
मामला दी थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाला अरुण सिंह लंबे समय से लकवाग्रस्त था और टीबी जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रहा था। वह पहले एक दुकान में सेल्समैन का काम करता था, लेकिन बीमारी के कारण घर पर ही रहता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी।
पत्नी बनती बाई (35 वर्ष) घर पर ही रहती थी। पति की बीमारी के कारण घर का खर्च नजदीकी रिश्तेदारों की मदद से किसी तरह चल रहा था।
दुर्ग निवासी युवक से हुआ प्रेम संबंध
इसी दौरान बनती बाई का संपर्क दुर्ग निवासी शमशेर खान से हुआ, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों मोबाइल फोन पर लगातार बातचीत करते थे और साथ नई जिंदगी शुरू करने की योजना बना रहे थे।
लेकिन उनके रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट बनती बाई का बीमार पति था — और यहीं से शुरू हुई हत्या की साजिश।
बेटे से मंगवाई कीटनाशक दवा
पुलिस के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले बनती बाई ने अपने बेटे को यह कहकर बाजार भेजा कि घर के फूलों में कीड़े लग गए हैं, उनके लिए कीटनाशक चाहिए। मासूम बेटा अनजाने में जहर जैसी कीटनाशक दवा खरीदकर मां को दे आया।
बनती बाई ने दवा घर में छिपाकर रख ली और प्रेमी से लगातार संपर्क में रहकर हत्या की योजना बनाती रही। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से इसकी पुष्टि हुई है।
पानी में मिलाकर पिला दिया जहर
29 जनवरी की रात साजिश को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, बनती बाई ने जबरदस्ती पानी में कीटनाशक मिलाकर अरुण सिंह को पिला दिया। योजना यह थी कि बाद में इसे आत्महत्या या दुर्घटनावश जहर पी लेने का मामला बताया जाएगा।
घटना के बाद भी पत्नी ने पति को अस्पताल नहीं ले जाया। रातभर वह तड़पता रहा और सुबह उसकी हालत बिगड़ गई।
बेटी ने खिड़की से देखी पूरी वारदात
पूरी साजिश यहीं फेल हो गई।
बताया जा रहा है कि घटना के समय बनती बाई ने बच्चों को डांटकर कमरे से बाहर निकाल दिया था। लेकिन 10 साल की बेटी खिड़की के पास आ गई और उसने अपनी आंखों से देखा कि उसकी मां जबरदस्ती पिता को कुछ पिला रही है।
जब पुलिस को मां की कहानी पर शक हुआ और बच्ची से अलग से पूछताछ की गई, तो उसने पूरी सच्चाई बता दी। उसकी गवाही इस केस की सबसे अहम कड़ी बन गई।
पहले पत्नी गिरफ्तार, अब प्रेमी भी पकड़ा गया
जांच के बाद पुलिस ने बनती बाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आगे की जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और बातचीत के आधार पर प्रेमी शमशेर खान की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस ने उसे करीब 250 किलोमीटर दूर दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या की साजिश दोनों ने मिलकर रची थी।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
इस घटना के बाद दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। मासूम बेटी की हिम्मत ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश कर दिया, लेकिन परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपियों पर हत्या और साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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मोबाइल पर रची गई साजिश: पत्नी ने दिव्यांग पति को जहर देकर मार डाला, प्रेमी दुर्ग से गिरफ्तार



