ASI के हत्यारों तक अब तक नहीं पहुंची पुलिस:IG की अधिकारियों संग बैठक, विशेष टीम कर रही जांच; बैरक में मिली थी लाश

ASI नरेंद्र सिंह परिहार की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
कोरबा जिले के बांगो थाने में पदस्थ ASI नरेंद्र सिंह परिहार की हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इसलिए शनिवार रात को खुद बिलासपुर रेंज के आईजी BN मीणा बांगो थाने पहुंच गए और उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली है। इस मामले में अब 4 सदस्यीय स्पेशल टीम जांच कर रही है।

वारदात के बाद से पुलिस अब तक 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। फिर भी कोई ठोस सबूत पुलिस को नहीं मिले हैं। शुक्रवार सुबह ही नरेंद्र की लाश बांगो थाने के सामने बैरक के एक कमरे में खून से लथपथ मिली थी। परिहार उसी बैरक के कमरे में रहा करते थे। आईजी ने मामले में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश एसपी उदय किरण और एएसपी अभिषेक वर्मा को दिए हैं।

IG BN मीणा ने शनिवार देर तक अधिकारियों की बैठक ली है।
ये टीम कर रही जांच
1-ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी ( SDOP कटघोरा)
2-अभय सिंह बैस (थाना प्रभारी बांगो)
3-अश्वनी राठौर ( थाना प्रभारी कटघोरा)
4-सनत सोनवानी ( थाना प्रभारी और प्रभारी सायबर सेल)

डीजे बजाने पर कार्रवाई की
बताया जा रहा है कि नरेंद्र सिंह परिहार ने होलिका दहन वाले दिन डीजे जब्ती की कार्रवाई की थी। उस दौरान उन्होंने बांगो के बाबापारा इलाके में दबिश दी थी। युवकों से कहा था कि डीजे बजाने के लिए परमिशन लेना होगा। इसके बाद आप लोग डीजे बजा सकते हैं। इसी आधार पर पुलिस ने बाबापारा के भी कुछ लड़कों को हिरासत में लिया है।

इस तरह से खून से लथपथ मिली थी एएसआई की लाश।
कोंडागांव के युवकों से पूछताछ
नरेंद्र सिंह परिहार ने जिस-जिस केस में पड़ताल की थी। उन-उन केस से जुड़े आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पता चला है कि 2 महीने पहले नरेंद्र ने कोंडागांव के कुछ लड़कों को कोरबा में किसी केस में पकड़ा था। उसके बाद उन्होंने उन्हें जेल दाखिल किया था। उन आरोपियों ने खुद को कांग्रेस से जुड़ा बताया था। उन्होंने नरेंद्र की किसी कांग्रेस नेता से बात कराने की कोशिश की थी। मगर नरेंद्र ने बात नहीं की और उन्हें जेल दाखिल कर दिया था। इसलिए पुलिस उन आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

दरवाजा तोड़ा, फिर अंदर घुसकर हत्या की

इन सब के अलावा पुलिस नरेंद्र के परिवार, उनसे जुड़े लोगों से भी बात कर रही है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को कुछ हमलावर नरेंद्र के कमरे में घुसे थे। इसके बाद उन्होंने पहले कमरे का दरवाजा तोड़ा। उसके बाद अंदर घुसकर नरेंद्र की हत्या कर भाग निकले। शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं।

बैरक के इसी कमरे में एएसआई रहा करते थे।
डॉगी अंबिकापु्र रोड पर जाकर रुक गया

बांगो थाने से 10 कदम दूर नई बैरक बनी है । नरेंद्र सिंह उसी के एक कमरे में रहते थे। उनका परिवार एनटीपीसी जमनी पाली में रहता है। उनकी पोस्टिंग बांगो में होने के कारण वह यहां से आना-जाना करते थे। पूरे घटनाक्रम की जानकारी शक्रवार सुबह सामने आई थी।जिसके बाद सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ने जब डॉगी को घटनास्थल पर छोड़ा तो वह अंबिकापुर रोड पर कुछ दूर जाकर रुक गया। पुलिस का मानना है की हत्या दुश्मनी या फिर बदला लेने की नीयत से की गई है।पढ़ें पूरी खबर

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