कोरबा – थाने के बैरक में मिली सहायक उप निरीक्षक की खून से लथपथ लाश….. धारदार हथियार से गले में किया गया वार…. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड मौके पर मौजूद

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी सनसनीखेज खबर है। जिले के बांगो थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार की लाश आज सुबह बैरक में देखी गई। बैरक का दरवाजा टूटा हुआ है। उनके शरीर पर जख्म को देखते हुए प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि उनकी किसी ने हत्या कर दी है। उनके गले में चोट के निशान मिलें हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार देवांगन ने इस घटना की सूचना तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को दी। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी मौके पर बुलाया जा रहा है। थाना में एएसआइ की लाश मिलने के इस मामले से पुलिस महकमे व क्षेत्र में सनसनी व्याप्त है।

 

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांगो थाने में पोस्टेड एएसआई नरेंद्र परिहार की खून से लथपथ लाश उनके कमरे में मिली है। थाने के सामने बनी नई बैरक में परिहार रहते थे। जानकारी के मुताबिक नाइट शिफ्ट के बाद वह अपने रूम में चले गए थे। फिर शुक्रवार सुबह उनकी लाश मिली। सूचना पर तक तत्काल आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मुताबिक प्रथम दृष्टया हत्या का मामला लग रहा है। उनकी माने तो हमलावरों ने पहले कमरे का दरवाजा तोड़ा होगा उसके बाद अंदर घुसकर उनकी हत्या कर भाग निकले। शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए हैं, जिसकी जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉयड को भी मौके पर बुलाया गया। जांच के लिए विशेष टीम को भी तैयार किया गया है।

कमरे में एएसआई नरेंद्र परिहार की बेड पर खून से लथपथ लाश, नीचे जमीन पर चारों तरफ बिखरा लहू।

थाने से 10 कदम की दूरी बनी है नई बैरक

बांगो थाने से 10 कदम की दूरी पर नई बैरक बनी है । नरेंद्र सिंह उसी के एक कमरे में रहते थे। उनका परिवार एनटीपीसी जमनी पाली में निवास कर रहा था। उनकी पोस्टिंग बांगो में होने के कारण वह यहां से आना-जाना करते थे। प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक हत्यारों ने पहले दरवाजे को फरसा नुमा धारदार हथियारों से तोड़ा इसके बाद वे अंदर घुसे और सो रहे नरेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए।

परिहार के बैरक के पास मौजूद पुलिस के आला अफसर, इसी कमरे में एएसआई नरेंद्र रहते थे।

एक वार उनके हाथ पर किया फिर गले पर वार किया। सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ने जब डॉगी को घटनास्थल से छोड़ा तो वह अंबिकापुर रोड पर कुछ दूर पर जाकर रुक गया। पुलिस इस मामले में एएसआई के हाल ही में जांच किए जा रहे मामलों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है की हत्या दुश्मनी या फिर बदला लेने की नीयत से की गई है।