कोरबा – गेवरा खदान में मंडराता ड्रोन अचानक हुआ लापता…. बॉर्डर में मिला…. पढ़िए पूरी खबर

गेवरा कोयला खदान में ड्रोन कैमरे से चोरी की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाना है इसका ट्रायल था।

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा कोयला खदान में अपराधिक गतिविधियों पर रोकथाम लगाने विभागीय सुरक्षा कर्मी के अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ), त्रिपुरा स्टेट राइफल्स जवानों की तैनाती की गई है। बावजूद चोर बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। बताया जा रहा है कि सीआइएसएफ के पास वर्तमान में ड्रोन कैमरा भी उपलब्ध कराया गया है। इससे समय- समय पर ड्रोन उड़ा कर भी जवान निगरानी करते हैं। रविवार को खदान क्षेत्र में ड्रोन उड़ा कर निगरानी की जा रही थी, तभी अचानक ड्रोन रेंज से बाहर होकर गायब हो गया। इससे ट्रायल कर रहे जवानों के होश उड़ गए। आनन फानन में ड्रोन को खोजने का कार्य शुरू किया गया।

खदान क्षेत्र काफी बड़ा होने की वजह से ड्रोन को खोजना संभव नही था, इसलिए ड्रोन खोज कर लाने वालों को इनाम देने की घोषणा कर दी। साथ ही जवानों ने तलाशी अभियान लगातार जारी रखा। आखिरकार छह घंटे बाद बाद बाघा बार्डर हरदीबाजार बेरियर के पास 150 टन डंपर के शेड से ड्रोन बरामद किया गया। यह अत्यंत क्षतिग्रस्त स्थिति में मिला है। एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डा सनीष चंद्र ने बताया कि किसी भी खदान में फिलहाल ड्रोन से निगरानी नहीं की जारी है। सीआइएसएप के पास ड्रोन आए हैं। इसे मार गिराने वाली बात भी गलत है, दरअसल खदान क्षेत्र में सिग्नल नहीं मिलने की वजह से ड्रोन रेंज से बाहर हो गया और कंट्रोल से बाहर जाकर गिर गया। डंपर शेड से उसे बरामद कर लिया गया है।